आम जरूरतों की पूर्ति के साथ मांडलगढ़ क्षेत्र के समग्र विकास का संकल्प दोहराया


विधायक प्रदीप कुमार सिंह ने तय की प्राथमिकताएं

मांडलगढ़ के विधायक प्रदीप कुमार सिंह अपने क्षेत्र की जनता की सहभागिता के साथ विकास के मुद्दे पर प्राथमिकता तय करके उपलब्धियों के जरिये एक कीर्तिमान बनाना चाहते हैं। अपने कार्यकाल का चौथाई सफर पूरा कर चुके सिंह ने ’आई टेक न्यूज’ को क्षेत्र के लिये अपनी प्राथमिकताएं गिनाते हुए पानी, बिजली, शिक्षा, चिकित्सा व रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाओं के साथ विधानसभा क्षेत्र के समग्र विकास की योजना से अवगत कराया।
विधानसभा के बजट सत्र के दौरान उन्होंने कई मंत्रियों से चर्चा कर मुद्दे उठाये तो विधायक कोष से दो दर्जन कार्यों के लिये राशि आवंटित की।
विधायक ने बताया कि मांडलगढ़ विधानसभा क्षेत्र तीन भागों में बंटा हुआ है। ऊपरमाल क्षेत्र में 17 पंचायतें हैं तो खेराड़ क्षेत्र में 13 तथा शेष क्षेत्र में 33 ग्राम पंचायतें हैं। तीनों की भौगोलिक स्थितियों के साथ आवश्यकताएं भी अलग-अलग हैं। उन्होंने क्षेत्र की प्राथमिकताएं गिनाईं -
पेयजल को लेकर सर्वाधिक मुखर सिंह ने कहा कि क्षेत्र में पर्याप्त पेयजल है लेकिन इसके संरक्षण और वितरण की तरफ गंभीरता नहीं है। किसी भी क्षेत्र का पानी पहले वहां की स्थानीय जनता को पूरा मिले, फिर अन्यत्र भेजा जाये। जेतपुरा बांध का पानी और गोवटा बांध का पानी बाहर भेजने की योजना है, जबकि स्थानीय लोग प्यासे हैं। पचाणपुरा बांध से भी ऊपरमाल के कुछ और गांवों की प्यास बुझाई जा सकती है।
भू-जल स्तर गिर रहा है, जो चिंतनीय है। निजी नलकूपों पर रोक लगे। वर्षा के पानी को व्यर्थ बहने से रोकने के लिये एनीकट निर्माण हो। बनास नदी पर 14 एनीकट की मांग के साथ विधायक ने ऊपरमाल क्षेत्र में बड़ी और गहरी खानों में बारिश के दौरान भरने वाले पानी को संरक्षित करने पर जोर दिया।
किसानों को सिंचाई के लिये नहरों का विस्तार होना चाहिये तथा क्षतिग्रस्त नहरों की हर वर्ष मरम्मत होनी चाहिये।
सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ किसानों को मिले, मसलन फसल बीमा योजना, नवीन तकनीक व संशोधन मिले।
मांडलगढ़ में संतरा व आंवला की अच्छी पैदावार को देखते हुए त्रिवेणी के पास प्रोसेसिंग यूनिट पर जोर।
बिजौलियां खनिज क्षेत्र में पांच हैक्टेयर के बड़े भू-भाग के बजाय एक हैक्टेयर में खनिज पट्टे बने जिससे रोजगार बढ़ेगा।
निर्यात योग्य सेण्डस्टोन को प्रोत्साहन के लिये, फर्शी तथा कोबल्स पर रॉयल्टी, वेट तथा बिक्रीकर को सुसंगत बनाया जाये तथा कम से कम कर का भार हो।
खानों पर पर्यावरण के संरक्षण के साथ श्रमिकों के लिये बीमा योजना अनिवार्य है।
निर्यात व्यवसाय को प्रोत्साहन के लिये बिजौलियां में रीको क्षेत्र बने। उल्लेखनीय है कि स्टोनमण्ड़ी के लिये रीको की फाइल जयपुर में लम्बित पड़ी है।
मांडलगढ़ में ग्रोथ सेंटर बने, जिससे रोजगार के अवसर बढ़े।
भीलवाड़ा-बूंदी मेगा हाइवे का कार्य शुय हो। 110 करोड़ की स्वीकृति के बाद भी सड़क नहीं बन पा रही है।
ऊपरमाल के खनिज क्षेत्र में क्षतिग्रस्त सड़कों की भी मरम्मत हो।
प्रत्येक पंचायत मुख्यालय पर सैकण्ड़री स्कूल की घोषणा के बाद इनमें शिक्षकों की शीघ्र नियुक्ति हो।
तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में पॉलिटेक्निक या इंजीनियरिंग कॉलेज खोलें। इसके लिये निजी क्षेत्र को भी आगे आना चाहिये।
चिकित्सा क्षेत्र में शल्य चिकित्सक बिजौलियां में जरूरी, वहीं महुआ व सिंगोली में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र तथा खटवाड़ा व गेन्दलिया में सब-सेंटरों के भवनों का निर्माण होना चाहिये। चिकित्साकर्मियों की पूर्ण नियुक्ति हो।
पर्यटन व देवस्थान विभाग के साथ पुरातत्व विभाग मिलकर ऐतिहासिक, पर्यटक और धार्मिक स्थलों का विकास करें।
बिजौलियां में बने पंचायत समिति:- विधायक सिंह के अनुसार बिजौलियां तहसील मुख्यालय पर उपखंड़ कार्यालय खुलने के बाद अब यहां पंचायत समिति भी बनाई जानी चाहिये। मांडलगढ़ में 53 पंचायतें होने से यहां कार्यभार भी अधिक है।
बिजौलियां तहसील में 18 ग्राम पंचायतें हैं। कुछ और पंचायतों को जोड़कर इसे पंचायत समिति का दर्जा मिलने से विकास को गति मिल सकेगी।
प्रदेश में आम तौर पर सभी तहसील मुख्यालयों पर पंचायत समिति कार्यालय है, ऐसे में बिजौलियां भी इसका स्वाभाविक हकदार है। इस महत्वपूर्ण फैसले को लेकर उन्होंने मुख्यमंत्री से भी अनुरोध किया है। पंचायतों के परिसीमन मापदण्ड़ों में बदलाव से इसमें गतिरोध जरूर आया है लेकिन इस कार्य को लेकर वे सतत् प्रयत्नशील है। सिंह ने अपने विधायक कार्यकाल में इन कार्यों पर अमल करने का भरोसा दिलाया।
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