बाईस जनवरी का दिन बनारस घराने के शास्त्रीय गायन के नाम

चित्तौडगढ
स्पिक मैके आन्दोलन द्वारा इन दिनों नगर में आयोजित की जा रही उत्सव कार्यक्रमों की अंतिम कड़ी में बाईस जनवरी का दिन बनारस घराने के शास्त्रीय गायन के नाम रहेगा.शाखा समन्वयक जे.पी.भटनागर ने बताया कि देश के प्रसिद्ध गायक गुरु राजन-साजन मिश्र जोड़ी के राजन मिश्र के सुपुत्र रितेश-रजनीश भी अपने पुरखों की तरह ही युगल रूप में शास्त्रीय गायन के काम को निभा रहा हैं मानने वालों के अनुसार गायन के क्षेत्र में ये बहुत कठिन जान पड़ने वाली कला है.ये कलाकार बनारस घराने की छठी पीढ़ी के रूप में देश की सेवा कर रहे हैं.तालीम के तौर पर दिल्ली विश्वविद्यालय में अकादमिक शिक्षा के साथ ही इन्हें अपने परिवार का समृद्ध माहौल मिला.मिश्र बंधू ख़ास तौर पर ख़याल,टप्पा,तराना गाने के साथ ही भजन गायन में भी महारथ हासिल है.अपने कला कौशल के चलते उन्नीस सौ निन्यानवें में राष्ट्रीय युवा रत्न सम्मान पाने वाले मिश्र बंधू आकाशवाणी और दूरदर्शन के ए. श्रेणी के गुरु हैं.

शनिवार को इनका कायक्रम दोपहर एक बजे सेंथी स्थित सेन्ट्रल अकादेमी सीनियर सेकंडरी स्कूल और शाम छ बजे भीलवाड़ा मार्ग स्थित सैनिक स्कूल में होगा.प्रायोजक संस्थानों के प्राचार्य अश्रलेश दशोरा और कर्नल एच.एस.संधू के अनुसार आयोजन की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं.संगत कलाकार के रूप में तबला वादक शुभ महाराज और हारमोनियम वादक सुमित मिश्र शिरकत कर रहे हैं.ये सभी कार्यक्रम स्वामी विवेकानंद,मदर टेरेसा,गुरुदेव रविन्द्र नाथ टेगोर,पंडित मल्लिकार्जुन मंसूर और साहित्यकार फैज़ अहमद फैज़ की याद में हो रहे हैं.
Share on Google Plus

About ''अपनी माटी'' वेबपत्रिका सम्पादन मंडल

This is a short description in the author block about the author. You edit it by entering text in the "Biographical Info" field in the user admin panel.
    Blogger Comment
    Facebook Comment