कलारामनाथ और उस्ताद अकरम खान की जुगलबंदी उन्नीस को

चित्तौडगढ 18 अप्रेल - स्पिक मैके और सैनिक स्कूल द्वारा संयुक्त तत्वावधान में अप्रेल की उन्नीस तारीख को एक आयोजन शाम साढ़े छरू बजे स्कूल के शंकर मेनन सभागार में होगा.जहां इस आयोजन के साथ ही स्पिक मैके की इस साल की गतिविधियाँ आरम्भ होगी वहीं ये आयोजन सैनिक स्कूल की स्थापना के स्वर्ण जयन्ती वर्ष के आयोजन का भी का भे एक भाग होगा.कार्यक्रम में मेवाती घराने से जुडी हुए देश की उदीयमान वायलिन वादक सुश्री कलारामनाथ और अजरारा घराने से सम्बद्ध तबला वादक उस्ताद अकरम खान शामिल होंगे.संस्थान के प्राचार्य कर्नल एच.एस.संधू और आन्दोलन के शाखा समन्वयक जे.पी.भटनागर ने बताया कि कलारामनाथ डॉ. एन.राजम और पंडित जसराज से ही तालीम लेकर उनके काम को बहुत बारीकी से आगे बढ़ा रही है.उत्तर भारत के प्रमुख कलागुरुओं में इनका नाम गिना जाता है.उत्कृष्ट अकादमिक रेकोर्ड के साथ ही वे अपने इस कला कौशल के जरिए देशभर के सभी प्रमुख समारोह में वायलिन बजा चुकी हैं. सूर रत्न,सूर मणि सहित कुमार गंधर्व कुमार जसराज गौरव सम्मान से नवाजी जा चुकी रामनाथ आकाशवाणी और दूरदर्शन की ए. श्रेणी की कलागुरु हैं.वे कलाकार के होने के साथ ही बहुत ज्ञानशील प्राध्यापिका भी हैं.वे अपनी जुगलबंदियों के लिए भी जानी जाती है. इधर तबले पर साथ देने वाले उस्ताद अकरम खान पहले भी कई बार चित्तौड़ आ चुके हैं. विश्वभर में अपने काम से बहुत अच्छे से जाने जाते हैं.अकरम खान ने संगीत की शिक्षा स्व. उस्ताद नियाजू खान ,अपने दादा उस्ताद शफी मोहम्मद और पिताजी उस्ताद हशमत अली खान से ली हैं.अकादमिक रूप से वे प्रयाग संगीत समिति,अलाहबाद से संगीत प्रवीण भी हैं.भारत के नामी गिरामी हस्तियों के साथ तबला वादन कर चुके हैं. शाखा अध्यक्ष बी.डी.कुमावत ने बताया कि इस माह में तीन और भी आयोजन होंगे जिनमें इक्कीस को देश की प्रख्यात गायिका डॉ. अश्विनी भोडे देशपांडे,छब्बीस को डॉ. दीप्ती ओमाचेरी भल्ला का मोहिनीअट्टम और अंत में सत्ताईस को कपिला वेणु का कुड़ीयट्टम नृत्य होना है।

माणिक

राष्ट्रीय सलाहकार

स्पिक मैके
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