हिन्दुस्तान जिंक ने स्थापित किया नया कीर्तिमान

वित्तीय वर्ष 2011 में रिकार्ड उत्पादन
चौथी तिमाही में 1,771 करोड़ का शुद्ध लाभ
कंपनी के निदेशक मण्डल ने 50ः लाभांश की सिफारिश की
21 अपै्रल, 2011
1 चौथी तिमाही में 194,000 टन तथा वित्तीय वर्ष 2011 में 712,000 टन रिफाइन्ड जस्ता उत्पादन जो गतवर्ष की इसी समान
अवधि की तुलना में क्रमशः 29ः तथा 23ः अधिक है ।
2 वित्तीय वर्ष 2011 में 179,000 किलोग्राम शुद्ध चांदी उत्पादन ।
3 चौथी तिमाही का राजस्व 3,197 करोड़ रु. तथा वित्तीय वर्ष 2011 का राजस्व 9,912 करोड़ रु. । जो गतवर्ष की समान
अवधि की तुलना में क्रमशः 28ः एवं 24ः अधिक है ।
4 मार्च 2011 में कंपनी की सिन्देसर खुर्द प्रोजेक्ट में 1.50 एम.टी.पी.ए. मिल रन-रेट क्षमता 85 प्रतिषत ।
5 150 मेगावाट पवन उर्जा परियोजना में से 48 मेगावाट की सफलतापूर्वक स्थापना शेष 102 मेगावाट - सितम्बर, 2011 तक
संचालित होगी ।
वेदान्ता रिसोर्सेज पी.एल.सी. की कंपनी हिन्दुस्तान जिंक लिमिटेड ने 31 मार्च, 2011 को समाप्त वित्तीय वर्ष तथा इसी वर्ष की चौथी तिमाही के परिणामों की घोषणा की ।
वित्तीय वर्ष की चौथी तिमाही के दौरान रिकार्ड खनित धातु उत्पादन 231,000 टन और वित्तीय वर्ष 2011 में कुल धातु उत्पादन 840,000 टन हुआ जो क्रमशः 19ः तथा 9ः अधिक है जो अब तक का सर्वाधिक उत्पादन है। वित्तीय वर्ष के दौरान कंपनी के रिकोर्ड उत्पादन में रामपुरा आगुचा एवं सिन्देसर खुर्द खान का सर्वाधिक योगदान रहा है ।
चौथी तिमाही के दौरान रिफाइन्ड जस्ता धातु का उत्पादन 194,000 टन तथा वित्तीय वर्ष 2011 में 712,000 टन हुआ जो गतवर्ष की इसी समान अवधि की तुलना में 29ः तथा 23ः की बढ़ोतरी दर्शाता है जो अब तक का सर्वाधिक उत्पादन है। कंपनी की चौथी तिमाही में रिफाइन्ड चांदी धातु उत्पादन 50,000 किलोग्राम हुआ जबकि वित्तीय वर्ष 2011 में कुल चांदी धातु उत्पादान 179,000 किलोग्राम हुआ जो रिकार्ड उत्पादन है।
चौथी तिमाही में 3,197 करोड़ रु. तथा वित्तीय वर्ष 2011 में 9,912 करोड़ रु. का राजस्व अर्जित किया जो गतवर्ष की इसी समान अवधि की तुलना में क्रमशः 28ः एवं 24ः अधिक है। चौथी तिमाही में 1,771 करोड़ रु. तथा वित्तीय वर्ष 2011 में 4,901 करोड़ रु. का शुद्ध लाभ अर्जित किया जो गतवर्ष की इसी समान अवधि की तुलना में क्रमशः 43ः एवं 21ः की वृद्धि दर्शाता है ।
हिन्दुस्तान जिंक के चेयरमेन श्री अग्निवेष अग्रवाल जी ने बताया कि कंपनी ने सर्वाधिक ध्यान शेयरहोल्डर वेल्यू तथा शीघ्र विस्तार योजनाओं को सम्पन्न करने पर दिया है जिससे कंपनी के शुद्ध लाभ पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा। आने वाले वर्ष में हिन्दुस्तान जिंक का सर्वाधिक ध्यान चांदी उत्पादन में रहेगा, जिससे हम विष्व के सर्वोत्तम चांदी उत्पादकों में गिने जाएंगे ।
कंपनी ने सिन्देसर खुर्द खदान की 1.5 एम.टी.पी.ए. मिल का सफलतापूर्वक संचालन कर लिया है। सिन्देसर खुर्द खदान 2012 तक 500 टन चांदी उत्पादन करने की ओर अग्रसर है । वित्तीय वर्ष 2012 की पहली तिमाही में दरीबा में 100 के.टी.पी.ए. सीसा स्मेल्टर के संचालन होने की संभावना है। इस परियोजना के पूरा होते ही कम्पनी की जस्ता-सीसा धातु की वार्षिक उत्पादन क्षमता 10,64,000 टन हो जाएगी ।
कंपनी पवन ऊर्जा उत्पादन क्षमता में 150 मेगावाट विस्तार करने की घोषणा की है गर्व की बात है कि चौथी तिमाही में 48 मेगावाट पवन ऊर्जा परियोजना की सफलतापूर्वक स्थापना कर ली है तथा शेष 102 मेगावाट - 2012 तक पूरा होने की संभावना है जिससे कंपनी की पवन ऊर्जा उत्पादन क्षमता बढ़कर 273 मेगावाट हो जाएगी ।
कम्पनी के निदेशक मण्डल ने चालू वित्तीय वर्ष के लिए 50 प्रतिशत लाभांश घोषित किया है जो 2 रूपये के प्रति इक्विटी शेयर पर 1रु. देने की घोषणा की है ।
(पवन कौशिक)
हैड-कार्पोरेट काम्यूनिकेशन


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