जिंक ने 30 के बजाय 83 एमसी एफटी पानी छोड़ाः सात एनिकट हुए लबालब

चित्तौड़गढ 16 सितम्बर-हिन्दुस्तान जिंक हमेशा सामाजिक सरोकार के प्रति अपना उत्तरदायित्व निभाता रहा है और इसी कड़ी में जिंक प्रबंधन द्वारा जिला कलेक्टर रवि जैन से विचार विमर्श कर उनके निर्देश पर घोसुण्डा बांध से गुरूवार को 83 एमसीएफटी पानी छोड़ा गया। हिन्दुस्तान जिंक के कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन हेड पवन कौशिक ने यह जानकारी देते हुए बताया कि घोसुण्डा बांध में पानी के भराव के मद्देनजर किसानों का हित देखते हुए 30 एम सी एफटी पानी पहले छोडा गया लेकिन जिंक प्रशासन ने महसूस किया कि इससे एनिकट में भराव नही आ पा रहा है तथा निर्णय लिया गया कि 83 एमसी एफटी पानी छोड़ा जाए। जिससे घोसुण्डा बांध से गम्भीरी संगम तक बेड़च नदी पर बने सात एनिकट भर गये और क्षेत्र के आधा दर्जन से अधिक गावों के भूमिगत जल स्तर में भी इससे वृ़िद्ध हो सकेगी ।इस जलराषि से हजारो किसान और ग्रामीण लाभान्वित होंगे। उन्होंने बताया कि पानी की इस निकासी से घोसुण्डा बांध का जल स्तर कम हो गया है लेकिन बावजूद इसके जिंक प्रबंधन द्वारा जनहित को प्राथमिकता देते हुए 83 एमसी एफटी पानी छोडने का निर्णय लिया गया।
पवन कौषिक ने बताया कि हिन्दुस्तान जिंक द्वारा अपने सामाजिक सरोकार निर्वहन के तहत राज्य सरकार की कई कल्याणकारी योजनाओं मेें सक्रिय भागीदारी निभायी जा रही है। हिन्दुस्तान जिंक हमेशा से ही अपने आस पास के गावों के हित में कार्यरत रहा है तथा राज्य सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर अनेको सामाजिक कल्याणकारी योजनाओं का कार्यवहन करता रहा है। पिछले 6 माह यानि दो तिमाही मे हिन्दुस्तान जिंक ने 625 करोड का एडवान्स टेक्स दिया है तथा राज्य सरकार के कोष में जिंक का सर्वोत्तम योगदान रहा है रॉयल्टी स्वरूप हर वर्ष 600 से 700 करोड का योगदान देता रहा है। चित्तौडगढ. जिले में ही हाईटेक मिड-डे मिल किचन से करीब 1 लाख बच्चों को प्रतिदिन गर्म भोजन सुलभ कराया जा रहा है वही चित्तौड़गढ,गंगरार और बंेगू क्षेत्र के 300 आंगनवाड़ी केन्द्रो पर 7 हजार बच्चों को पूरक पोशाहार, जिले के 48 गावों मे नियमित स्वास्थ्य परीक्षण शिविरों का आयोजन, 500 से अधिक गा्रमीण महिलाओं को स्वंय सहायता समूहो से जोड़कर उन्हे आत्मनिर्भर बनाने, बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार हेतु प्रशिक्षण, परिवार कल्याण षिविरों का आयोजन, शाला पूर्व शिक्षा के लिये परवरिष केन्द्रो की स्थापना, 124 विद्यालयों में करीब 18 हजार छात्रों को कम्प्युटर षिक्षा से जोड़ने, कृषि क्षेत्र में उन्नत कृषि तकनीक का किसानों को प्रषिक्षण देकर उन्हें आर्थिक सम्बल प्रदान करने, बायफ संस्थान के साथ मिलकर गोसंवर्धन के माध्यम से पशु पालको की आय बढाने, पशु चिकित्या एंव क्रत्रिम गर्भाधान से पशु नस्ल सुधार में भागीदारी, सम्बन्धित गावों मे सीसी रोड़, पानी की टंकियो का निर्माण, विद्यालयों मे कक्षा कक्षों का निर्माण, बालिका विद्यालय भवन एवं मरम्मत, जिले के चयनित निः षक्त जनों को ट्राई साइकिल वितरण, चिकित्सकीय सेवाओं मे सहयोग, सामान्य चिकित्सालय में निर्माण कार्य, चित्तौड़गढ दुर्ग के पुनर्रूद्धार हेतु आर्थिक सहयोग, ग्रीष्मकाल में पेयजल संकट के दौरान ट्यूबवेल, व टैंकर्स के माध्यम से जलापूर्ति कर लोगों को लाभान्वित करने को प्राथमिकता दी गई है वहीं जिले की खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने, सांस्कृतिक परंपरा को बढावा देने हेतु मीरा महोत्सव, दषहरा मेला एंव अन्य आयोजनों में सक्रिय भागीदारी निभायी जाती रही है। साथ ही जिंक प्रबंधन भविष्य में भी सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में सक्रिय भागीदारी के लिये संकल्पित एवं कटिबद्ध है।

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