कल्लाजी को लाग्यो दरबार चालो दर्शन ने

निम्बाहेड़ा 7 जून । मेवाड़ के प्रसिद्व कल्ला जी वेदपीठ के दशम कल्याण महाकुंभ में देश के कोने कोने से श्रृद्वालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है । सवेरे मगंला दर्शन से लेकर रात्रि शयन तक दर्शनार्थियों का तांता लगा हुआ है । कल्याण भक्त अपने आराध्य के मन भावन दर्शन कर न केवल स्वयं को धन्य महसूस कर रहे है वरन जीवन में सुख शान्ति की कामना भी कर रहे है वही नव विवाहित युगल जोड़े सहित दर्शन कर सुखी दाम्पत्य जीवन की आश में स्वयं को ठाकुर जी का अनन्य भक्त बनाने में बने हुए है । दिन में सूरज की तेज तपन भी श्रृद्वालुओं को नही रोक पाती और वे पेर जलने की परवाह किये बगेर मंदिर में दर्शनार्थ दोड़ते हुए पहुॅच जाते है । भक्तों की अपार श्रृद्वा कल्याण महाकुभं को लक्खी मेला बना रही है ।
करमा की भक्ति ने कृष्ण को विवष किया
     
   रात्रि कालिन भक्ति संध्या में शनिवार रात्रि को वीरांगना पूनम, किट्टू , भारती , रूचि एवं पायल द्वारा करमा बाई की जीवन्त प्रस्तुति देते हुए करमा बनी रूचि ने जब अपनी जिद्द के साथ कान्हा को खिचड़ा खिलाने की ठान ली तो शंखनाद के साथ कान्हा को न केवल आना पड़ा बल्कि भोग लगाकर करमा को भी खिचड़ा खिलाना पड़ा, इतना ही नही करमा की भक्ति से उसके माता-पिता को भी कान्हा के दर्शन का सोभाग्य मिला । इस प्रस्तुति से समुचे वातावरण में करमा की भक्ति के बीच सावंरिया सेठ के खुब जयकारे लगें ।
भंजन संध्या ने भक्ति सरिता बहाई          
 श्याम रंगीला बजंरग मित्र मंण्ड़ल के भजन गायक गोपाल नामदेव , विजय कुमार शर्मा , गोपाल सुथार , राजकुमार जैन , मनोहर लाल , राधेष्याम, गोपाल खण्डेलवाल, रामचन्द्र पेंटर  व अन्य कलाकारों ने संध्या महाआरती के बाद गणपति का हवन करते हुए अपने ही अंदाज में ’’कल्लाजी को लाग्यो दरबार, बम-बम भोले भोले, श्याम नाम की चाकरी , नौकर रख ले साॅवरा, मेने पूछा सांवरिया से  तथा साॅवरियो सेठ म्हारी राधा जी सेठाणी जैसे मन भावन भजनो की प्रस्तुति से श्रोताओं को भक्ति सरिता में गोते लगाने के लिये विवष कर दिया जिससे श्रोता भी तालियों की संगत करते हुए अपने आराध्य को रिझाते हुऐ देखे गयें । देर रात तक चली भजन संध्या मे गायक कलाकारों ने भजनों की आर्कषक प्रस्तुतियां देकर समुचे वातावरण को भक्ति मय बना दिया । सोमवार को गणेष परिवार नीमच के कलाकारों द्वारा भजनों की प्रस्तुतियां दी जायेगी ।
ठाकुर बने श्याम बाबा

  कल्याण महाकुंभ के दौरान जन-जन के आराध्य ठाकुर श्री कल्ला जी का मन भावन श्रृगांर भक्तों को मोह रहा है। रविवार को ठाकुर जी का फूलों का श्रृगांर इतना अनुपम था कि ठाकुर श्री कल्लाजी भक्तों को खाटू श्याम के रूप में दर्षन देते हुए बरबस ही आकर्षित कर रहे थे । राजभोग दर्शन के समय रसीले पेय पदार्थो की छप्पन भोग स्वरूप झांकी और भी मनोहारी थी जिसमे ग्रीष्मकाल में प्रयुक्त किये जाने वाले ठण्ड़ाई सभी प्रकार के फलों के रस , आधुनिक पेंकिग शुदा शीतल पेय पदार्थ सहित लगभग 61 प्रकार के रसीले पेय पदार्थो की झांकी भी देखने योग्य रही ।
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