इन्टरनेशनल आर्ट फेस्टीवल कृष्णचरित

विद्यार्थियों ने देखी कला की बारीकियां, कलक्टर ने सराहा
चित्तौड़गढ़। मन के भक्तिभावों के साथ एक ओर जहां कृष्ण के विभिन्न स्वरूपों को जीवंत करने की कोशिश की जा रही है वहीं दूसरी ओर आर्ट फेस्टीवल में विभिन्न शिक्षण संस्थाओं से आ रहे विद्यार्थियों में चित्रकला के प्रति एक नया दृष्टिकोण भी उभर रहा है । सांवलिया मंदिर मंडल और चित्तौड़गढ़ आर्ट सोसायटी के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित इन्टरनेशनल आर्ट फेस्टीवल में तीसरे दिन भीलवाडा व प्रतापगढ जिले की कई शिक्षण संस्थाओं के बच्चों ने भागीदारी की। मौसम मे हुए परिवर्तन ने कलाकारो ने खुले वातावरण की बजाय हाॅल में अपनी कृतियों पर काम किया।     
भक्ति के साथ शक्ति को नमन 

फेस्टीवल के आयोजन सचिव मुकेश शर्मा ने बताया कि कृष्ण भक्ति में रमें कलाकारों ने आज शक्ति के पर्याय महाराणा प्रताप को उनकी पूण्यतिथि पर याद करते हुए शहीद स्मारक स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यापर्ण कर श्रृंद्धाजलि दी। कलाकारों के दल ने उनकी  चित्तौडगढ़ के प्रति अपनी आस्था को व्यक्त करते हुए दूर्ग स्थित विजय स्तम्भ के यंहा एक बडे कैनवास पर सामुहिक रूप  से दुर्ग के प्रतीक चिन्हांे को उकेरा। कलाकारों के दल में भक्तिमति मीरा के मंदिर के भी दर्शन किए जिस जगह पर उन्होंने अपना स्वस्र्व कृष्ण को समर्पित कर दिया।
पहली बार कला को नजदीक से देखने का मौका  
आर्ट फेस्टीवल में दिनभर कला प्रेमियों का तांता लगा रहा । शहर ही नहीं बाहर से भी कई विद्यार्थी अपने स्कुल प्रबंधन के साथ कलाकारों से रूबरू हुए। संगम स्कुल भीलवाडा की छात्रा मीताली जैन का कहना था की इतने बडे कलाकारों के बीच आना ही सुखद है । चित्रकला की छात्रा होने से यहां आकर रंगों के चयन की कला के साथ उनके बेहतर उपयोग को लेकर उनकी सोच और भी विस्तृत हुई है साथ ही पेंटिग का स्टार्टअप कैसे हो यह सबसे महत्वपूर्ण बात जानी। स्कुल की अध्यापिका पल्लवी का कहना था कि हम एक कक्षा कक्ष में चित्रकला की इतनी बारीकियां नहीं सिखा सकते।
इसी स्कुल के लवेश ओझा का कहना था कि एक ही विषय पर पेटिंग के इतने भी आयाम हो सकते है यहां आकर जाना। स्थानीय चित्तौड कालेज के विद्यार्थियों ने विनय शर्मा के साथ इस आर्ट गैलेरी को देखा । छात्रा कृति शर्मा ने इसे कुछ नया करने के लिए एक अ़च्छा प्रयास करार देते हुए कहा कि मन में अब यह सोच आई है कि हम भी चित्रकारी की शुरूआत कर सकते है। मोनिका कोठारी, स्पर्श जैन के लिए तोे यह पहला मौका था कि उन्होंने चित्रकला के इतने विविध रूप देखे । बस्सी से आई सुमन चुंडावत ने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कृष्ण के इतने स्वरूप?अभी तक तो सिर्फ भगवान शिव के नाना रूपों के बारे में ही सुना था।   
विधायक, कलक्टर ने किया अवलोकन
आर्ट फेस्टीवल का सोमवार सांय कपासन विधायक और मंदिर मंडल के सदस्य अर्जुनलाल जीनगर और मंगलवार दोपहर जिला कलेक्टर वेदप्रकाष ने अवलोकन किया । विधायक जीनगर ने कृष्ण के विभिन्न स्वरूपों के चित्रण को एक बहुत बडा प्रयास बताया वहीं जिला कलक्टर वेदप्रकाश ने युवा प्रतिभाओं के आगे लाने के ऐसे सकारात्मक प्रयासों की सराहना की। अवलोकन के दौरान मंदिर मंडल के मुख्य निष्पादन अधिकारी एवं एडीएम सुरेशचन्द्र ने सभी कलाकारों का परिचय एंव उनके चित्रकारी के विषय में जानकारी दी।
आज सांवलिया धाम का भम्रण 

आयोजक सांवलिया मंदिर मंडल के मुख्य निष्पादन अधिकारी एंव एडीएम सुरेश चन्द्र ने बताया कि आर्ट फेस्टीवल में सम्मिलित होने वाले सभी कलाकारों का  बुधवार को सांवलिया जी का भम्रण का कार्यक्रम तय किया गया हैं । सभी कलाकर बुधवार सांय मंडफिया पंहुचेगें जंहा उन्हे मंदिर की विशेषताओं, भविष्य की विस्तार योजना और वंहा बनने वाली आर्ट गैलेरी जंहा उनके चित्रों को प्रदर्शित करने की कार्ययोजना है की जानकारी दी जायेगी। इस भ्रमण से देश विदेश से आये कलाकार सांवलिया धाम की विशेषताओं को अपने अपने  क्षेत्र में जाकर  व्यापकता भी दे पायेगें।  

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