सदी के दूसरे सिंहस्थ का अंतिम शाही स्नान आज 21 मई को लाखों श्रद्धालु पावन शिप्रा में लगाएंगे आस्था और विश्वास के साथ डुबकियां दत्त अखाड़ा व रामघाट पर प्रात: 3 बजे स्नान के लिए पहुंचेंगे शैव एवं वैष्णव अखाड़े

उज्जैन सदी के दूसरे महाकुंभ के तीसरे व अंतिम शाही स्नान के अवसर पर आज 21 मई वैशाख शुक्ल पूर्णिमा पर लाखों श्रद्धालु मोक्ष दायिनी शिप्रा में आस्था और विश्वास की डुबकियां लगाएंगे। अखाड़ों का शाही स्नान प्रात: 3 बजे से प्रारंभ होगा। सिंहस्थ में पहली बार दत्त अखाड़ा घाट पर शैव अखाड़ों के नागा सन्यासियों का प्रात: 3 बजे से स्नान प्रारंभ होगा। वहीं इसी समय रामघाट पर वैष्णव अखाड़े स्नान करेंगे। शाही स्नान सुबह 3 बजे से 11 बजे तक निर्धारित क्रमानुसार विभिन्न अखाड़ों के साधु, संत स्नान करेंगे। 
सिंहस्थ में आज यह पहला अवसर रहेगा जब रामघाट व दत्त अखाड़ा घाट पर शैव व वैष्णव सम्प्रदाय के साधु सन्यासी एक ही समय में दोनों घाट पर एक साथ स्नान करेंगे। श्रद्धालु इस अलौकिक अवसर का दर्शन लाभ प्राप्त कर सकेंगे। प्रशासन द्वारा शाही स्नान के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं एवं प्रबंध सुनिश्चित कर लिए गए हैं। स्नान के दौरान अखाड़ों के आगे-पीछे, दाँये-बाँये घाटों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस और पैरामिलेट्री बल के जवान तैनात रहेंगे। भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था भी सुनियोजित होगी। शाही स्नान के लिए जुलूस मार्ग की धुलाई, चूने की लाइनिंग, मार्ग पर पानी का छिड़काव एवं घाटों पर स्नान के लिए पहुँचे साधु-संतों का परम्परागत तरीके से स्वागत एवं सत्कार किया जायेगा। शाही स्नान के लिए सभी अखाड़ों के स्नान-क्रम और घाटों पर आने-जाने के लिए मार्ग निर्धारित किये गये हैं।
शैव अखाड़ों का स्नान श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा, आवाहन अखाड़ा एवं अग्नि अखाड़े का स्नान प्रात: 3 बजे से, निरंजनी एवं आनंद अखाड़े का स्नान प्रात: 4 बजे से तथा महानिर्वाणी एवं अटल अखाड़े का शाही स्नान प्रात: 5 बजे से प्रारंभ होगा। शैव अखाड़ों के साधु सन्यासियों के स्नान के बाद प्रात: 7 बजे से दत्त अखाड़ा घाट आम श्रद्धालुओं के स्नान के लिए खुला रहेगा। श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा, आवाहन अखाड़ा एवं अग्नि अखाड़े का जुलूस अपनी छावनी से रवाना होकर छोटी रपट पर पहुंचकर स्नान कर दत्त अखाड़ा के समीप बने रेम्प से अपने कैम्प में पहुंच जाएगा। निरंजनी अखाड़े एवं आनंद अखाड़े का जुलूस बड़नगर रोड स्थित शिविर से रवाना होकर छोटी रपट होते हुए बाएं चलने के सिद्धांत का पालन करते हुए रोड डिवाइडर के बांयी तरफ जाकर खड़ा हो जाएगा तथा निरंजनी अखाड़े के जुलूस के वापस होने के तुरंत बाद दत्त अखाड़ा में प्रवेश करेगा। यहां स्नान के बाद अखाड़ा घाट खाली कर डिवाइडर के दूसरी ओर होते हुए बड़नगर रोड पर शंकराचार्य चौराहे होते हुए वापस अपनी छावनी में पहुंचेगा। महानिर्वाणी एवं अटल अखाड़े का जुलूस बड़नगर रोड स्थित कैम्प से रवाना होकर छोटी रपट पर दत्त अखाड़ा घाट के समीप लगे रोड डिवाइडर के बांई ओर आकर खड़ा होगा तथा दत्त अखाड़ा घाट खाली होते ही घाट पर प्रवेश करेगा। स्नान के बाद डिवाइडर के दूसरी तरफ सड़क के बाएं चलने के सिद्धांत का पालन करते हुए वापस अपनी छावनी के लिए रवाना हो जाएगा।
वैष्णव अखाड़ों का स्नान रामघाट पर वैष्णव अखाड़ों के स्नान की व्यवस्था रहेगी। निर्मोही अणि अखाड़ा का स्नान प्रात: 3 बजे से दिगम्बर अणि अखाड़े का स्नान प्रात: 4 बजे से एवं निर्वाणी अणि अखाड़े का स्नान प्रात: 5 बजे से रामघाट पर प्रारंभ होगा। सुबह 7.30 बजे तक रामघाट पर वैष्णव अखाड़ों का शाही स्नान पूरा हो जाएगा। रामघाट पर ही उदासीन अखाड़ों का स्नान होगा। रामघाट पर निर्मोही, दिगम्बर एवं निर्वाणी अखाड़ों का स्नान भी प्रात: 3 बजे से प्रारंभ होगा। यह अखाड़े खाकचौक से अंकपात, पटेल नगर, निकास चौराह, कंठाल, सतीगेट, छत्रीचौक, पटनी बाजार, गुदरी चौराहा, रामानुज कोट होत हुए रामघाट पर पहुंचेंगे। स्नान के बाद गंधर्व गेट से दानीगेट, बिलोटीपुरा, जूना सोमवारिया, वाल्मीकि धाम के सामने से पिपलीनाका, अंकपात मार्ग होते हुए यह अखाड़े वापस अपनी छावनी पहुंचेंगे।
उदासीन अखाड़ों का स्नान बड़ा उदासीन अखाड़ा व नया उदासीन अखाड़ा प्रात: 8.30 बजे स्नान के लिए रामघाट पहुंचेगा और 9.30 बजे तक स्नान कर वापस अपनी छावनी में पहुंचेंगे। रामघाट पर निर्मल अखाड़े का स्नान 10 बजे से प्रारंभ होगा और 11 बजे तक स्नान पूर्ण होकर घाट आम श्रद्धालुओं के स्नान के लिए उपलब्ध रहेगा। इस तरह प्रात: 11 बजे से आम श्रद्धालु रामघाट व दत्त अखाड़ा घाट पर पहुंचकर स्नान कर सकेंगे। बड़ा उदासीन अखाड़ा अपने शिविर के सामने से राजपूत धर्मशाला से दानीगेट मोड़ की धर्मशाला गनगौर दरवाजा होते हुए रामघाट पर प्रवेश करेगा। नया उदासीन अखाड़ा अपने शिविर से रवाना होकर शंकराचार्य तिराहा छोटी रपट होकर रामघाट पर प्रवेश करेगा। दोनों अखाड़े स्नान के बाद उक्त तय मार्ग से वापस अपनी छावनी में पहुंचेगा। निर्मल अखाड़ा अपने शिविर से रवाना होकर छोटी रपट पर रोड डिवाइडर के सेवादल शिविर के पास आकर खड़ा होगा तथा नया उदासीन अखाड़े के वापस निकल जाने के बाद वहां से रवाना होकर घाट पर पहुंचेगा और स्नान के बाद वापस इसी मार्ग से अपने शिविर में पहुंचेगा।
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