चतुर्वेद पारायण महायज्ञ की पूर्णाहूति

चित्तौड़गढ़़। पदिम्नी आर्ष कन्या गुरूकुल परिसर में आयोजित 21 दिवसीय चतुर्वेद पारायण महायज्ञ की पूर्णाहूति ज्येष्ठ कृष्णा अष्टमी तद्नुसार कल प्रातः 8ः30 बजे से होगी। डॉ. ओमानन्द सरस्वती ने बताया कि मेवाड़ में प्रथम बार शक्ति और भक्ति की पावन धरा पर चतुर्वेद पारायण महायज्ञ का अनूठा अनुष्ठान आयोजित किया जा रहा है जिसमें वैदिक मंत्रोच्चार के साथ प्रतिदिन गौ-घृत एवं शाकल्य की आहुतियां देकर न केवल मेवाड़ क्षेत्र वरन् समूचे विश्व में सुख शांति समृद्धि एवं अच्छी वृष्टि की कामना की जा रही है। उन्होने बताया कि इस महायज्ञ में यजमानो द्वारा सवा लाख से अधिक आहुतियां देकर स्वयं को धन्य करते हुए सृष्टि के कल्याण की कामना की गई है। उन्होने बताया कि महायज्ञ की पूर्णाहुति के अवसर पर वैदिक विद्वान आचार्य शिवनारायण उपाध्याय, स्वामी प्रणवानंद सरस्वती, आचार्य डॉ. सोमदेव शास्त्री,
अशोक आर्य, सांसद सी.पी.जोशी, विधायक चन्द्रभान सिंह आक्या, सभापति सुशील शर्मा सहित अन्य लोग शामिल होंगे। महायज्ञ के दौरान वेद विज्ञान के लेखक आचार्य शिवनारायण उपाध्याय ने शिक्षा में नैतिक व्यवस्था पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वेद उपनिषद आरण्य से नैतिक शिक्षा को बढ़ावा मिलता है ऐसी स्थिति में शैक्षणिक पाठ्यक्रमों में वेद एवं उपनिषद की शिक्षा को जोड़ा जाना चाहिए। वेदप्रिय शास्त्री ने भी वेदों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज के भौतिकवादी युग में हमारी पौराणिक सम्पदा के रूप में वैदिक ग्रंथों को सम्मान देते हुए उनके अध्ययन से सम्पूर्ण समाज की अभिवृद्धि एवं भारतीय संस्कृति के संरक्षण के प्रयास किये जाने चाहिए। 
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