विभाग अपने को बजट बनाने तक ही सीमित न रखे, बजट के आगे की भी सोचें -श्री चेतन्य काश्यप, जिला योजना अन्तर्गत त्रिवर्षीय कार्य योजना पर हुई चर्चा

उज्जैन । राज्य योजना मण्डल के उपाध्यक्ष श्री चेतन्य काश्यप ने कहा है कि शासकीय विभाग अपने को बजट बनाने तक ही सीमित न रखे, बजट के आगे की भी सोचें। वर्ष 2017 के बाद आगामी 15 वर्षों का प्लान बनाया जायेगा। पूर्व में प्रचलित पंचवर्षीय योजनाएं वर्ष 2017 में समाप्त हो जायेंगी। जिलों को स्वयं अपनी प्राथमिकताएं निर्धारित करते हुए योजना बनानी होगी। सभी विभाग मिलकर समन्वित प्रयास करेंगे तभी जिले का सर्वांगीण विकास होगा। पुराने समय के कलेक्टरों को बदलकर अब समन्वयकर्ता के रूप में आगे आना होगा। श्री काश्यप ने यह बात आज उज्जैन में उज्जैन, आगर एवं शाजापुर की त्रिवर्षीय कार्य योजना पर चर्चा करते हुए कही। राज्य योजना मण्डल की बैठक में राज्य योजना मण्डल के प्रमुख आर्थिक सलाहकार श्री राजेन्द्र मिश्रा, आर्थिक सलाहकार श्री पी.सी.बारस्कर, कैप्टन ए.के.खरे, शाजापुर कलेक्टर श्रीमती अलका श्रीवास्तव, आगर कलेक्टर श्री डी.बी.सिंह, जिला पंचायत उज्जैन की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती रूचिका चौहान सहित तीनों जिलों के जिला अधिकारी मौजूद थे।
राज्य योजना मण्डल के उपाध्यक्ष श्री चेतन्य काश्यप ने कहा कि प्रदेश में हम सार्वजनिक परिवहन के मामले में पिछड़ रहे हैं। अब ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे सर्कुलर रोड का चिन्हांकन करना होगा, जो गांवों को परस्पर जोड़ें। उन्होंने कहा कि राज्य शासन द्वारा जारी किये गये विजन-2018 डाक्यूमेंट में हम कहां तक पहुंचे हैं, इसका परीक्षण करना भी आवश्यक है। अगले सात वर्षों में मध्य प्रदेश गरीबी से मुक्त हो, ऐसी योजनाएं बनाना होंगी।
बैठक में प्रमुख आर्थिक सलाहकार श्री राजेन्द्र मिश्रा ने कहा कि वर्ष 2017 के बाद 15 वर्षों का प्लान बनेगा। अब हमारा राष्ट्र विकासशील से विकसित देशों में शामिल होने जा रहा है। इसी को दृष्टिगत रखते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने भी पर्सपेक्टिव प्लान को हाथ में लिया है। उन्होंने कहा कि विकास के लिये समन्वित प्रयास आवश्यक हैं तथा विभाग कृषि उत्पादन के क्षेत्र में किसानों के मार्गदर्शक बनें तथा समय-समय पर यह बताये कि किस फसल को बोना किसानों के लिये फायदेमन्द रहेगा।
कैप्टन ए.के.खरे ने कहा कि आज मध्य प्रदेश बिजली उत्पादन में आत्मनिर्भर बन गया है। आने वाले पांच वर्षों में यहां पर बिजली की कमी नहीं रहेगी। इसी को दृष्टिगत रखते हुए प्रदेश में औद्योगिक विकास किया जाना चाहिये। यह कार्य जिला स्तर से लघु उद्योगों को व सर्विस सेक्टर को बढ़ावा देकर किया जा सकता है।
बैठक में उज्जैन कलेक्टर की ओर से जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने जिला प्रोफाइल प्रस्तुत की। उन्होंने जिले में किये गये नवाचार, जिसमें शिप्रा नदी के तटों पर पौधारोपण एवं विभिन्न नगरीय निकायों में शुरू किये गये आनन्द घर की जानकारी दी। इसी तरह कलेक्टर शाजापुर श्रीमती अलका श्रीवास्तव ने शाजापुर जिले के पिछड़ेपन के कारण बताये तथा औद्योगीकरण की आवश्यकता जताई। कलेक्टर आगर ने जिले में सन्तरे की प्रचुर मात्रा में उत्पादन होने की जानकारी देते हुए जिले में फूड प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने की मांग रखी। उन्होंने सुसनेर तहसील में बनाये जा रहे गौ-अभ्यारण्य की जानकारी भी दी।
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