दुर्ग पर मृगवन बने बाॅयोलोजिकल पार्क -जोशी

सांसद जोशी ने केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री महोदय से की भेंट कर अभयारणों के विकास हेतु मांगी अधिकाधिक राशि 
नई दिल्ली/चित्तौड़गढ़ / विश्व विरासत चित्तौड़गढ़ दुर्ग पर स्थित मृगवन को बाॅयोलोजिकल पार्क के रूप में विकसित करने एवं सीतामाता अभयारण्य, बस्सी सेंचुरी, भैसरोड़गढ़ अभयारण्य, चीरवा अभयारण्य (उदयपुर) के लिये कैम्पा एवं अन्य मदों से विकास के लिये अधिकाधिक धन राशि आवंटित करने की केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री अनिल माधव दवे से भेंटकर उक्त मांग रखी।
सांसद सी.पी.जोशी ने भेंट के दौरान मंत्री से मृगवन की जानकारी देते हुये बताया कि 1971 में प्रारम्भ यह मृगवन 35 हैक्टेयर में फैला हुआ है। यह मृगवन हिरण प्रजाती के जानवरों का प्रमुख केन्द्र है। यहाँ पर चारों ओर जाली व उंची चारदीवारी बनी हुई है। दुर्ग पर आने वाले लाखों देशी- विदेशी पर्यटक ऐतिहासिक स्थलों के साथ-साथ यहाँ पर अवष्य भ्रमण के लिये आते है। सरकार यदि इस मृगवन को बाॅयोलोजिकल पार्क में परिवर्तित कर दे तो इसका लाभ पर्यटकों को मिलंेगा।
सांसद जोशी ने मंत्री महोदय से कहा कि बाॅयोलोजिकल पार्क बनने से पर्यटक यहाँ शेर, चीता, भालू, मगरमच्छ, हिरण सहित कई वन्य जीवों को यहाँ दुर्ग पर देख पायेंगे। इससे पर्यटकों का यहाँ ठहराव होगा व पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही चित्तौड़गढ़ के आस-पास भी वन्य क्षेत्र में कई वन्य जीव रहते है वह भी इससे लाभ पा सकेंगे।   

Share on Google Plus

About Eye Tech News

This is a short description in the author block about the author. You edit it by entering text in the "Biographical Info" field in the user admin panel.
    Blogger Comment
    Facebook Comment